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समाजवादी सरकार की विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनायें! Various agricultural welfare schemes of the Samajwadi government!

 

समाजवादी सरकार की विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनायें!

समाजवादी सरकार हमेशा उत्तर प्रदेश के संतुलित विकास में विश्वास रखती है। किसानों की समृद्धि के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे तथा समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ मण्डी स्थलों की स्थापना करने का महत्वकांक्षी प्रयास रहा है । समाजवादी सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में किसानों सहित समाज के सभी वर्गों के विकास और कल्याण के लिए कार्य किया । आधुनिकतम किसान बाजार, लखनऊ इसी योजना का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था । समाजवादी सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में जगह-जगह पर किसान बाजारों, मण्डियों इत्यादि की स्थापना इस उद्देश्य से की जा रही थी ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी हो, उन्हें उनकी उपज का वाजिब और लाभकारी मूल्य मिले, और उनमें खुशहाली आ सके ।

 
       समाजवादी सरकार ने अपने विजन के तहत 30353.46 करोड़ रुपए के 5202 निर्माण कार्यों को पूर्ण किया कराया था । जनेश्वर मिश्र योजना के तहत 2311 गांवों के 924.40 करोड़ रुपए लागत के विकास कार्य, 164.79 करोड़ रुपए लागत के 584 एग्रीकल्चरल मार्केटिंग हब बनाने का काम समाजवादी सरकार ने किया था ।

बुन्देलखण्ड के 79 ग्रामीण अवस्थापना केन्द्रों के साथ-साथ लखनऊ शहर के ए.पी. सेन मार्ग पर नवनिर्मित बहुउद्देश्यीय भवन, विभिन्न बसावटों के 183 नवीन सम्पर्क मार्गों के साथ-साथ विल्सी-बदायू स्थित अतिथिगृह, साहिबाबाद गाजियाबाद के नवीन मण्डी स्थल पर 199 किलोवाट के हाईब्रिड सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना का कार्य समाजवादी विकास विजन के साथ किया गया । समाजवादी सरकार ने कृषि और किसान के विकास और उत्थान के लिए लगातार काम करती रही है। समाजवादी सरकार ने ऐसे कई फैसले लिए, जिनसे किसानों को फायदा हो। किसानों की सुविधा के लिए जहां एक ओर निःशुल्क सिंचाई की व्यवस्था की गई, वहीं दूसरी ओर कृषक दुर्घटना बीमा के अन्तर्गत बीमा राशि बढ़ा दी गई। साथ ही, खाद-बीज इत्यादि की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की गई, जिससे किसानों को कोई दिक्कत न हो ।

v विशिष्ट आम मण्डी मलिहाबाद लखनऊ,

v नवीन मण्डी स्थल पयागपुर बहराइच,

v उप मण्डी स्थल नवाबगंज बरेली,

v मण्डी स्थल मोहनलालगंज लखनऊ,

v उप मण्डी स्थल वृंदावन मथुरा,

v उप मण्डी स्थल जैथरा एटा

v  साहिबाबाद गाजियाबाद के नवीन मण्डी स्थल पर 199 किलोवाट के हाईब्रिड सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना

v किसान बाजार हरदोई तथा बहराइच,

v हापुड़ मण्डी के आधुनिकीकरण,

v लखनऊ किसान बाजार,

v सैफई किसान बाजार,

v झांसी किसान बाजार,

v कन्नौज किसान बाजार

v कासगंज में किसान बाजार,

v ललितपुर विशिष्ट मण्डी स्थल,

v जालौन विशिष्ट मण्डी स्थल,

v हमीरपुर विशिष्ट मण्डी स्थल,

v बांदा विशिष्ट मण्डी स्थल,

v महोबा विशिष्ट मण्डी स्थल

v झांसी विशिष्ट मण्डी स्थल,

v आलू उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा देने के लिए ठठिया कन्नौज में विशिष्ट मण्डी निर्माण कार्य

v लहसुन एवं सब्जी के उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा देने के लिए मैनपुरी में विशिष्ट मण्डी निर्माण,

v टूण्डला फिरोजाबाद में अतिथिगृह मण्डी परिसर का निर्माण कार्य

v 12 मण्डी स्थलों पर सोलर पावर प्लाण्ट की स्थापना,

v आगरा में अतिरिक्त मण्डी स्थल

v बिसवां सीतापुर में नवीन मण्डी स्थल

v झांसी में तिल प्रसंस्करण इकाई की स्थापना
            

       समाजवादी सरकार द्वारा रिकॉर्ड समय में बनांये गए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ मण्डियों की स्थापना की महत्वकांक्षी परियोजना है, जिससे किसान अपनी उपज तेज गति से बाजारों में पहुंचा सके । इस एक्सप्रेस-वे को बलिया तक समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के रूप में ले जाने का निर्णय समाजवादी सरकार ने लिया था। इसके निर्मित हो जाने के बाद इसके दोनों तरफ भी मण्डी स्थलों की स्थापना की जानी थी । इससे उत्तर प्रदेश के किसानों को राज्य के एक छोर से दूसरे छोर तक अपनी उपज ले जाने में आसानी होती। साथ ही, एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ मौजूद मण्डियों में भी अपनी फसलों को बेचने की सुविधा मौजूद होती। इससे ग़रीब किसानों के जवान में भी आर्थिक समृद्धि आती और  उनका जीवन स्तर सुधरता और उनमें खुशहाली आती ।


       समाजवादी सरकार किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक वृहद परियोजना पर काम करती रही है। जिसके तहत खाद्य प्रसंस्करण आधारित गतिविधियों को भी राज्य में बढ़ावा दिया जा रहा था। प्रदेश में कामधेनु योजना के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा था। साथ ही, अमूल और मदर डेयरी जैसी संस्थाओं द्वारा प्रदेश में अपने दुग्ध संयंत्र स्थापित किए जा रहे थे, जिससे देश और प्रदेश वासियों को प्रचुर मात्रा में दुग्ध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती थी। मण्डी परिषद राज्य के किसानों को और बेहतर सेवाएं किस प्रकार से दे इस पर विचार किया जाता रहा है और उसे और अधिक किसानोन्मुखी बनाया जाए, पर काम करने को प्रतिबद्ध है ।

       समाजवादी सरकार द्वारा स्थापित कराए गए किसान बाजारों में किसान अपनी उपज सीधे उपभोक्ताओं को बेच सकते हैं । भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार तहसील तथा ब्लॉक स्तर पर ऐसे किसान बाजारों की स्थापना सुनिश्चित करेगी ।

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