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अखिलेश यादव ने बनाई श्रमिकों और भूमिहीन कृषकों के लिए भूमि सेना akhilesh yadav ne banai shramik aur bhoomiheenon ke liye bhoomi sena

Akhilesh Yadav created land army for laborers and landless farmers


       समाजवादी चितंक डा. राम मनेाहर लोहिया ने कृषि क्षेत्र के असंगठित श्रमिकों और भूमिहीन कृषकों को रेाजगार देने और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार के उद्देश्य से भूमि सेना बनाने का सुझाव दिया था । समाजवादी पार्टी की सरकार के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने भूमि सेना योजना को पुनर्जीवित कर चलाए जाने हेतु वर्ष 2012-13 के पहले ही बजट में उन्होने 47.83 करोड़ रूपए रखे थे । इस योजना के अंतर्गत ऊसर, बंजर, तथा बीहड़ जमीन को खेती योग्य बनाकर भूमिहीन एवं गरीबों को आंवटित किया जाना था ।

 

    विश्व बैंक की सहायता से उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम द्वारा ऊसर बहुल जनपदों में ऊसर सुधार की परियोजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा था । वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान 15,000 हेक्टेयर ऊसर भूमि सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिससे परियोजना जनपदों के लगभग 45,000 कृषक लाभान्वित हुए थे । इसमें 9.750 हेक्टेयर ऐसी भूमि का उपचार किया गया था, जिसमें उपचार के उपरांत प्रथम बार धान एवं गेंहूं की फसल प्राप्त की जा सकती थी।

      भूमि सुधार कार्यक्रम के प्रथम चार वर्षो में कुल 1,54,127 कृषक लाभार्थी लाभान्वित हुए थे, जिसमें 1,44,391 (94 प्रतिशत) लघु एवं सीमांत कृषक लाभान्वित हुए थे । लाभान्वित कृषकों में लगभग 30% अनुसूचित जाति एवं जनजाति के और लगभग 49% अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभार्थी सम्मिलित थे । कुल लाभार्थियों में 14886 महिला लाभार्थी भी शामिल थी 

    भूमि सेना योजना के अंतर्गत नाबार्ड वित्त पोषित आरआईडीएफ योजना, बुंदेलखण्ड एवं विंध्य क्षेत्र में सिंचाई जल उपयोग की क्षमता बढ़ाने की योजना एवं कटरी क्षेत्र में भूमि सुधार की योजना के अंतर्गत वर्ष 2014-15 में 54,290 हेक्टेयर भूमि का उपचार किया गया था ।

     भूमि सुधार की योजनाओं से जहां एक ओर कृषि उत्पादन हेतु भूमि की उपलब्धता बढ़ी थी, वहीं कृषि क्षेत्र में उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि भी होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत भी सृजित हुए थे । गांवो की जिन्दगी को खुशहाल बनाने का तत्कालीन विजनरी मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव का यह प्रयास पूरे देश में एक अनोखा प्रयास था । किसानों के नाम पर राजनीति करने वाले विपक्षी दलों को इससे सबक लेना चाहिए ।

    कृषि क्षेत्र के विस्तार की आवश्यकता आज इसलिए भी है कि बढ़ती आबादी की आवास व्यवस्था करने में कृषि योग्य भूमि का क्षेत्रफल घटता जा रहा है । आबादी और कृषि क्षेत्रफल का अनुपात 3:1 का हो चला है । इसलिए चौधरी चरण सिंह और श्री मुलायम सिंह यादव का हमेशा यह विचार रहा है कि कृषि समृद्ध हो और उसकी पैदावार में निरन्तर वृद्धि हो, तभी बढ़ती आबादी का पेट भर सकेगा । चौधरी साहब और नेताजी ने गांवो और कृषि पर 70 प्रतिशत बजट की व्यवस्था की थी जिसे बढ़ाकर समाजवादी सरकार में मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने 2015-16 के बजट में 75 प्रतिशत धन आवंटित किया था ।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि

उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा था कि कृषि उपज बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि योग्य भूमि के विस्तार के लिए भूमि सेना का गठन किया गया था ।

 

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