Breaking News

अखिलेश यादव ने दी उ.प्र. के असंगठित कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा! Akhilesh Yadav gave UP Social Security to the Unorganized Workers

Akhilesh Yadav gave UP Social Security to the Unorganized Workers

 

       समाजवादी सरकार के मुखिया श्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा नियमावली, 2016 के प्रख्यापन को मंजूरी प्रदान करके कर्मकारों को बेहतर सुविधा प्रदान करने का काम किया था । इस नियमावली के प्रख्यापन से असंगठित कर्मकारों को केन्द्र सरकार की अधिसूचित 10 योजनाओं के साथ भविष्य में विभिन्न अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुलभ हो सकेगा । इसी प्रकार इस सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा भी अधिसूचित की जाने वाली भावी योजनाओं का लाभ भी सुलभ होगा ।

       उत्तर प्रदेश में असंगठित कर्मकारों की संख्या उस समय लगभग 4.5 करोड़ थी  । इस नियमावली के प्रख्यापन से इन असंगठित कर्मकारों को केन्द्र की वर्तमान अधिसूचित योजनाओं जैसे, इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन स्कीम, राष्ट्रीय कुटुम्ब फायदा स्कीम, जननी सुरक्षा योजना, हथकरघा बुनकर समग्र कल्याण स्कीम, हस्तशिल्प कारीगर समग्र कल्याण स्कीम, मास्टर क्राफ्ट व्यक्तियों के लिए पेंशन योजना, मछुआरों के कल्याण और प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय स्कीम तथा उनका विस्तार, जनश्री बीमा योजना, आम आदमी बीमा योजना एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाभान्वित किया गया था तथा समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत की जाने वाली अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिला था ।

        असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008 एक केन्द्रीय अधिनियम है जो 16 मई, 2009 से पूरे प्रदेश में प्रभावी है । अधिनियम की धारा 14 की उपधारा 1 के तहत उ.प्र. असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा नियमावली, 2016 को प्रख्यापित करके इस अधिनियम को प्रदेश में लागू किया गया था ।

300 रुपए तक के मूल्य के सभी प्रकार के फुटवियर वैट से मुक्त

        समाजवादी सरकार के मुखिया श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व वाले मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम 2008 के तहत फुटवियर पर कर की दर युक्तियुक्त किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया था । इसके तहत 300 रुपए तक के अधिकतम फुटकर मूल्य के सभी प्रकार के फुटवियर, जिनमें हवाई चप्पल एवं इनके स्ट्रेप भी सम्मिलित हैं, को अधिनियम की करमुक्त वस्तुओं की अनुसूची-1 में रखकर करमुक्त कर दिया था, बशर्ते फुटवियर पर ही अधिकतम फुटकर मूल्य अमिट रूप से चिन्हित या उभरा हो । इसके साथ ही, अधिनियम की अनुसूची-2 भाग-क की प्रविष्टि संख्या-83 को विलोपित करने का भी निर्णय लिया था ।

 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ